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कीट पतंगों का नियंत्रण  

सरसों की फसल बहुत से कीट पतंगों को आकर्षित करती है. जिस कारण से बहुत से कीट सरसों के पौधों को प्रजनन स्थल बना लेते हैं और उनकी पत्तियों व टहनियों पर अपने अंडे दे देते हैं. उन अण्डों से निकले बिभिन्न प्रकार के कीड़े अपने जीवन काल का प्रारंभिक समय इन पौधों को खाने में  ही लगा देते हैं. जिनमे मुख्यतः APHID (चेपा), आरा मक्खी व चित्तेदार की (painted bug) पाए जाते हैं. सही समय पर इनकी पहिचान करने से इनको रोका जा सकता है. 

APHID (चेपा) का नियंत्रण : 
सही समय पर की जाने वाली बिजाई फसल को APHID के प्रकोप से कुछ हद तक बचा लेती है. यह बिजाई १५ ओक्टूबर से पहले की जानी चाहिए. सरसों में नाइट्रोजन की जरूरत से अधिक मात्रा से भी इसका प्रकोप बढ़ जाता है. इसकी रोकथाम के लिए Dimethoate 30 एक 1000 ML में 1000 लीटर पानी मिलकर प्रति हैक्टेयर तीन बार 15 दिन के समय अन्तराल के बाद चिदकना चाहिए.  ऐसा छिडकाव दोपहर  दो बजे की बाद करना चाहिए. 

आरा मक्खी का नियंत्रण :
सही समय पर की जाने वाली सिंचाई आरा मक्खी के लार्वा को नियंत्रण में रख लेती है.  Malathion 50 EC या Endosulfan 35 EC , 500 ml को 500 लीटर पानी में मिलाकर फसल पर छिडकाव करना चाहिए. 

Painted bug का नियंत्रण :
सरसों की फसल को खरपतवार रहित रकने से Painted Bug का प्रकोप कम हो जाता है. पहली सिंचाई ३-४ हफ्ते बिजाई के बाद कर देनी चाहिए.  अगर प्रकोप ज्यादा न हो तो ४% Endosalfan धूल रूप में 20 - 25 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर की दर से चिदकना चाहिए.  अधिक प्रकोप होने पर Malathion 50 EC या Endosulfan 35 EC , 500 ml को 500 लीटर पानी में मिलाकर फसल पर छिडकाव करना चाहिए. 

 
 
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